क्यूँ पहनते है चाँदी की पायल ?

दोस्तों आपके घर में भी क्या आपकी , मम्मी,बहन पैरों में पायल पहनते है? अगर हाँ क्या आप जानते हैं इसका कारण क्या है? दरसल पुराने समय में पायल को एक अनिवार्य परंपरा के रूप में पहनकर निभाया जाता था, इससे साथ ही स्त्री घर में कहाँ आ जा रही है यह भी पता चलता था .
दोस्तों आज के टाइम में फॅशन स्टेट्मेंट बन चुके आंकलेट भी इसी का एक रूप है लेकिन सही मायने में पैरों में अगर पायल चाँदी की पहनी जाए तो इसके स्वास्थ्य से संबंधित बहुत से लाभ होते हैं

औरतों का शरीर और मन पुरुषों की अपेक्षा कोमल, संवेदनशील माना गया है. औरतों के शरीर में हारमोंस के उतार चढाव का शरीर और मन, विचारों पर काफी असर होता है. घर परिवार की बीसों जिम्मेदारियों की बात की जाय तो औरतें तन-मन से समर्पित रहती है.

ऐसे में प्राचीन वैज्ञानिको और ऋषियों ने ऐसी वस्तुए निर्मित की जिससे औरतों के मन और स्वास्थ्य की रक्षा हो सके और जैसे जैसे इनका प्रचलन बढ़ने लगा , इनको विभिन्न प्रकार के सुन्दर गहनों का रूप मिल गया

स्वतंत्र धांतु से बने होने के कारण ,चाँदी की पायल के पैरों की त्वचा से रगड़ खाने के कारण पैरों की हड्डियों को मज़बूती मिलती है. सिर्फ़ इतना ही नही अगर आपको पीरियड्स में दर्द रहता है तो चाँदी की पायल पहनने से दर्द में भी आराम मिलेगा.
इनफर्टिलिटी और हारमोनल इमबॅलेन्स को ठीक करने में भी इससे फाएदा मिलता है
आपने नोटिस काइया होगा की सोने को शरीर के ऊपर के अंगों और चाँदी से बनी आभूषनो को पैरों में पहना जाता है ,ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि शरीर में सोना जो कि गरम तत्व है और चाँदी जो की एक शीतल तत्व है का संतुलन बना रहे

Categories : Health

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