हम अपनी उर्जा को नकारात्मक बनाते हैं और सकारात्मक भी

प्रिय दोस्त, आज कल अपने अंदर बदलाव लाना जिसे हम पर्सनॅलिटी डेवेलपमेंट भी कहते हैं वह काफ़ी माशूर विषय बन चुका है
पर हम अपनी परेशानियों में फसे होने के कारण अपनी डेवेलपमेंट पर खुद ही ना केवल रोक लगा देते हैं बल्कि साथ ही खुद को नकारात्मक चीज़ो के चक्रव्यूह मे धकेल देते है जैसे कि  दूसरों से कमपेरीज़न करना ,दूसरे की बुराई को एंजाय करना

आज की भागादौड़ी और कॉमपाइटिशन  ने इंसान को इस कदर बना दिया है की वह अपने दुख का कारण अपने दुखों को नही बल्कि औरों के सुखों को और उनकी खुशियों को बना चुका है,
वह इसी सोच में रहता है की सामने वाला मुझसे ज़्यादा खुश क्यूँ है और इसी वजह से अपनी सकारात्मक ऊर्जा यानी पॉज़िटिव एनर्जी को खुद ही नकारात्मक उर्जा यानी नेगेटिव एनर्जी में परिवर्तित कर देता है

आज कल ऑफीस में इतनी गॉसिप्स होती हैं की वह लोगों के लिए एक एंटरटैइनेमेंट का स्त्रोत बन गयी है
लोगों की पीठ पीछे बुराई कर ना केवल आप एक ग़लत काम करते हैं साथ ही अपनी ऊर्जा को भी गिरा देते हैं ,हमें इन सब चीज़ों से डोर रहकर अपना समय बेहतर चीज़ों में लगाना चाहिए ताकि हम कुछ ज़िंदगी में अच्छा हासिल कर सकें

और अगर आपका उतना बैठना ऐसे लोगों के बीच हैं जो इन सब बातों का लुफ्त उठाते है तो कोशिश करें की आप उनकी बात पर रिएक्ट ही ना करें जिससे की आपके साथ वो यह सब बातें अगली बार ना करें

दोस्तों ऐसी ही बोहुत सी बातें है जैसे जो बीत गया उसपर अफ़सोस करते रहना, किसी की ज़िंदगी में ज़रूरत से ज़्यादा दखल देना
इतियदि
अगर हम अपने में बदलाव लाए तो बदलाव ऐसा हो की हमारी ज़िंदगी बेहतर की तरफ़ कदम बदाए और हमारी उर्जा को सकरतमक बनाए ताकि हम पॉज़िटिव चीज़ें अपनी लाइफ में आकर्षित कर सकें

 

 

Categories : Forcasts

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